शनिवार, 25 जुलाई 2020

यदि चला गया होता

बदलाव मंच
24/7/2020

चला जाता तो

चला जाता जो तुझे छोड़कर तो 
 इतना बैचैन ना होता।
आँखों के सामने देख तेरी बेरुखी
  तो अश्को से भीगा मेरा नयन नही होता।।
कह देते है चला गया वो, किन्तु जाने वाले से पुछो।
जाने वाले को भी यू तो सुकून चैन नही होता।।

प्रकाश कुमार
मधुबनी, बिहार

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