सोमवार, 31 अगस्त 2020

कवयित्री सुशीला साहू 'विद्या' जी द्वारा विधा-कुँडलियाँ,विषय-*गजरा*

*विधा-------------कुँडलियाँ*
*विषय--------------गजरा*
गजरा फूलों से सदा , लगते सुन्दर बाल ।
जूही चम्पा देख लो , छैल छबीली चाल ।।
छैल छबीली चाल , चले लेकर वो गगरी ।
होठों पर मुस्कान , मोहिनी मथुरा नगरी ।।
कह विद्या निज बात , नैन मटकाती कजरा ।
नारी कर श्रृंगार , लगाये फूलों गजरा ।।

*सुशीला साहू "विद्या"*
*रायगढ़ - छत्तीसगढ़*

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