शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

कवयित्री नीतू राठौर जी द्वारा 'चाँद से कह दो' विषय पर गज़ल

               
          चाँद से कह दो
          
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चाँद से कह दो न तन्हा कीजिए
आप आकर मन को हल्का कीजिए।
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रात को क्यों नींद भी आती नहीं
कुछ हमारे साथ साजा कीजिए।
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सादगी मुझमें रही बाकि अगर
हम को सीमा में न बाँधा कीजिए।
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प्यार तुमसे तो रूहानी हो गया
छोड़ कर हमकों न जाया कीजिए।
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आँख भर आई है चाहत में अभी
इस तरह हमकों न रुसवा कीजिए।
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मन में तुमको रखेगी "नीतू " सुन
टुकड़ों में दिल न हिस्सा कीजिए।
💘💘💘💘नीतू राठौर💘💘💘💘💘

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