गुरुवार, 24 सितंबर 2020

कवि श्याम कुँवर भारती जी द्वारा रचना (विषय-श्याम भजन)

श्याम भजन – चित चोर श्याम |
दिल मे बसाया तुझे मुझे भूल जाना नहीं |
चित चोर श्याम नजरों कभी गिराना नहीं |
तेरे रूप की दीवानी मेरी बिरह कहानी |
तूने मेरी प्रीत न जानी बात सबकी जुबानी |
सिवा मेरे मुरली किसी और सुनाना नहीं |
चित चोर श्याम नजरों कभी गिराना नहीं |
तुम छोड़ क्या गए नयन नीर दे गए |
चैन रैन सब ले गए हिय पीर दे गए |
लौट कभी आते नहीं राधा कभी भुलाना नहीं |
चित चोर श्याम नजरों कभी गिराना नहीं |
सुनते हो सबकी सुधि मेरी लेते नहीं |
बेचैन दिल को करार कभी देते नहीं |
छलिया छल किया मुझको कभी रुलाना नहीं |
चित चोर श्याम नजरों कभी गिराना नहीं |
सिर मुकुट अंग पीतांबर मन मोहे बहुत |
मुख मुस्कान कर कमली सोहे बहुत |
मै दीवानी श्याम पिया कभी सताना नहीं |
चित चोर श्याम नजरों कभी गिराना नहीं |

श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी 
बोकारो झारखंड मोब -9955509286

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