शुक्रवार, 21 अगस्त 2020

प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. रेखा मंडलोई द्वारा रचित सुंदर रचना

समय की मांग              
कल बीत चुका है, उसे भूल जाइए।                                                  आने वाला कल भी अा ही जाएगा।
उसके लिए कभी परेशान मत हो रहिए।
वर्तमान हमेशा आपके सामने है बा।
उसे बेहतर से बेहतर आप बनाए।
कोरोना में ही जीने की आदत बनाए।
इससे ना कभी डरे ना ही घबराए।
आत्मबल के साथकदम सदा बढ़ाए।
स्वर्णिम इतिहास संग जीवन बिताए।
भारतीय अपने हौंसले निरंतर जगाए।
सृजन शील रचनाकार रचना बनाए।
नीत नई ऊर्जा की रोशनी भर लाए।
लेखन के जादू से जग को हर्षाए।
समय की मांग को पहचानते जाए।
बीता समय न आएगा ये समझ जाए।
खुद भी हंसे ओरो को हरदम हंसाए।
प्रेरक व्यक्तित्व से सबको जगा जाए।
बीते हुए को भुला राह नई बनाए।
खुद को समझे दूसरों को ना समझाए।
जीने का सही मकसद अपना बनाए ।
ना खुद लड़े ना लोगों को भड़काए।
त्याग और समर्पण को सदा अपनाएं।

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