शुक्रवार, 2 अक्तूबर 2020

किनारा दे दे#सुरेंद्र सैनी बवानीवाल "उड़ता"झज्जर - 124103 (हरियाणा ) जी द्वारा#

किनारा दे दे... 
मुझे अपने दिले-सागर का किनारा दे दे 
अपने चमकते फ़लक का  सितारा दे दे

तुझे  दूर ले चलूँगा  दुनियां की भीड़ से
मुझे  एक  बार  हल्का सा  इशारा दे दे

तेरे साथ कोई भी सौदा ना हो सकेगा
बेशक़  मेरा  रब  कोई खिसारा^ दे  दे (नुकसान )

तेरे गुलिस्तां^में जाना मुझे भी पसंद है (बाग )
बस तू मुझे मोहब्बत का चिनारा दे दे 

तेरी इश्क-कायनात^देखना चाहता हूँ (जग)
ज़रा  एक बार तू मुझे  निगारा^ दे दे (नक्शा )

"उड़ता"या कोई समुन्द्र नितारा^दे दे (गहरा)
या रौशनी की बाबत किआरा^दे दे (सूर्य )


स्वरचित मौलिक रचना 

द्वारा - सुरेंद्र सैनी बवानीवाल "उड़ता"
झज्जर - 124103 (हरियाणा )

संपर्क +91-9466865227

udtsonu2003@gmail.com

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