रविवार, 15 नवंबर 2020

श्याम कुँवर भारती जी द्वारा छठ गीत#

भोजपुरी छठ गीत-4- माई हम मनाइब न हो 
भोर भिनसरवा घाट हम जाइब न हो |
छठी माई हम मनाइब न हो |
छठी मईया दीहा तू आशीष ,
जीयते बरत  हम उठाइब न हो |
छठी माई हम मनाइब न हो |

उगा हो सुरुजदेव  करा न अब देरिया |
फेरी दा हो दीनानाथ हमपर नजरिया |
तोहके अरघ हम चढ़ाइब न हो |
हाथ जोरी गित हम गाइब न हो |
 छठी माई हम मनाइब न हो |

करी दा अंजोर नाथ हमरो संसार |
 होला सगरो तोहरो जय जय कार |
उगबा न जबले घरे हम जाइब न हो |
निर्मल नदिया हम नहाइब न हो |
छठी माई हम मनाइब न हो |

नारीयल केरा फल सुपवा मे साजल  |
उखिया के बहँगी संगे ढ़ोल तासा  बाजल |
छठी माई बेटी हम कहाइब न हो |
गाई गीतिया माई हम सुनाइब न हो |
छठी माई हम मनाइब न हो |
भोजपुरी छठ गीत-4- माई हम मनाइब न हो 
भोर भिनसरवा घाट हम जाइब न हो |
छठी माई हम मनाइब न हो |
छठी मईया दीहा तू आशीष ,
जीयते बरत  हम उठाइब न हो |
छठी माई हम मनाइब न हो |

उगा हो सुरुजदेव  करा न अब देरिया |
फेरी दा हो दीनानाथ हमपर नजरिया |
तोहके अरघ हम चढ़ाइब न हो |
हाथ जोरी गित हम गाइब न हो |
 छठी माई हम मनाइब न हो |

करी दा अंजोर नाथ हमरो संसार |
 होला सगरो तोहरो जय जय कार |
उगबा न जबले घरे हम जाइब न हो |
निर्मल नदिया हम नहाइब न हो |
छठी माई हम मनाइब न हो |

नारीयल केरा फल सुपवा मे साजल  |
उखिया के बहँगी संगे ढ़ोल तासा  बाजल |
छठी माई बेटी हम कहाइब न हो |
गाई गीतिया माई हम सुनाइब न हो |
छठी माई हम मनाइब न हो |
श्याम कुँवर भारती जी#
कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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