बुधवार, 4 नवंबर 2020

- हीरल कवलानी जी द्वारा#लघुकथा#

मंच नमन 🙏
बदलाव मंच (राष्ट्रीय - अंतरराष्ट्रीय मंच) साप्ताहिक प्रतियोगिता हेतु  लघुकथा
विषय- एकता, भाईचारा तथा देश प्रेम
दिनांक - 31-10-2020
दिन - शनिवार
विधा - लघु कथा
चेष्टा एक होनहार लड़की है।वह सदा ही दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहती है।आज कल के संकट के समय में चेष्टा ने गरीब बच्चों की मदद करने का विचार किया। जहाँ एक ओर कोरोना का संकट पूरे विश्व में मंडरा रहा है वहीं दूसरी और ऑनलाइन सुविधाओं ने हम सब को एक मंच प्रदान कर एक दूसरे से जोड़ दिया है। बिहार के कुछ क्षेत्रों  से आरंभ कर अनेक शहरों के छात्र ऑनलाइन माध्यम से जुड़ गए हैं और चेष्टा से शिक्षा प्राप्त करते हैं। इस कार्य में उसकी छोटी बहन केया भी मदद करती है। शिक्षा देने से उसे आत्मिक सुख एवं संतुष्टि प्राप्त होती है।इससे उसके ह्रदय में एकता,भाईचारा तथा देश प्रेम का भाव नज़र आता है। यदि स्वयं के लिए जिए तो क्या जिए? उसका यही मानना है कि हमें यह जन्म दूसरों की सहायता तथा उनके लिए कुछ करने के लिए मिला है।आज के संकट के समय उन छात्रों के माता पिता विद्यालय बंद हो जाने से परेशान थे। चेष्टा ने जहॉं ग़रीब लोगों की मदद करने का विचार किया।वहीं बच्चों की शिक्षा के लिए भी एक ऑनलाइन माध्यम से अनेक प्रयास किए। आज उसका यह प्रयास सफल है। सभी आपसी प्रेम एवं भाईचारे के साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं। उसका यह प्रयास हम सभी को प्रेरणा देता है कि हमें देश के लिए प्रेम भाव रखकर परहित कार्य करना चाहिए। आख़िर हमने सुना भी है “परहित  सरसि धरम नहीं भाई,परपीड़ा सम नहीं अधिमाई”।

लघुकथाकारा - हीरल कवलानी
नोएडा, उत्तर प्रदेश
स्वरचित

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