शनिवार, 12 सितंबर 2020

है नमन मेरा वंदन मेरा#गौरव मिश्र तन्हा जी द्वारा#

है नमन मेरा वंदन मेरा
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गुरु के चरणों में है वंदन ।
माता के चरणों में वंदन।
देव तुल्य पिता को वंदन ।
पिता तुल्य देवों को वंदन।
जग जननी माता को वंदन।
मेरा भारत माता को वंदन।
भारत के कण कण को वंदन।
राष्ट्र प्रेमियों को वंदन।
वहती नदियों को नमन मेरा।
उड़ती चिड़ियों को नमन मेरा।
उगते सूरज को नमन मेरा।
खिलते फूलों को नमन मेरा।
ऊंचे शिखरों को नमन मेरा।
ठहरी झीलों को नमन मेरा।
कोमल शाखों को नमन मेरा।
खिलती कलियों को नमन मेरा।
अक्षर अक्षर को नमन मेरा।
ऋषियों मुनियों को नमन मेरा।
मेरा राम चन्द्र को नमन मेरा।
मेरे श्याम कृष्ण को नमन मेरा।
भोले शंकर को नमन मेरा।
चारों धामों को नमन मेरा।
चारों वेदों को नमन मेरा।
ज्योतिर्लिंगों को नमन मेरा।
है शक्ति पीठ को नमन मेरा।
है मुक्ति धाम को नमन मेरा।
हर देवालय को नमन मेरा।
गोकुल मथुरा को नमन मेरा।
संगम तट को है नमन मेरा।
धाम अयोध्या को नमन मेरा।
गहरे सागर को नमन मेरा।
हर एक पुस्तक को नमन मेरा।
हर एक कविता को नमन मेरा।
अपने मस्तक को नमन मेरा।
इस जगती को नमन मेरा।
है इस प्रकृति को नमन मेरा।
है सकल विश्व को नमन मेरा।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏
❇️गौरव मिश्र तन्हा ❇️

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