गुरुवार, 26 नवंबर 2020

श्याम कुँवर भारती [राजभर] जी द्वारा अद्वितीय रचना#

भोजपुरी छठ गीत- रेलगड़िया धईके |
रेलगड़िया धईके हाली चली आवा पिया |
करब छठी के बरतिया मनसा पुरावा पिया |
नेवता पठाई हम ननदो के बुलाइब |
सासु के साड़ी ससुरजी के धोतिया पहनाइब |
छठी के बरतिया जनी भुलावा पिया |
रेलगड़िया धईके हाली चली आवा पिया |
पंचफलवा  नारियल सजाइब हम परतिया |
चिट्ठी लिखाई आपन छुट्टीया करावा पिया |
रेलगड़िया धईके हाली चली आवा पिया |
घाटे नदी डूबते सूरज चढ़ाइब हम अरघिया |
भोरवा उगते सूरज करब हम अरतिया |
आई छठ माई सिरवा नवावा पिया |
रेलगड़िया धईके हाली चली आवा पिया |
माई किरीपा मोर अँचरा भरी दिहे |
दुख दूर करीहे हमरो असरा भरी दिहे |
धूप दीप जराई माई मनवा लगावा पिया | 
रेलगड़िया धईके हाली चली आवा पिया |
श्याम कुँवर भारती [राजभर]
कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी

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