बुधवार, 23 दिसंबर 2020

डॉ ममता श्रीवास्तवा, सरूनाथ जी द्वारा आत्मनिर्भर भारत की उड़ान#

नमन बदलाव मंच 
विषय -आत्मनिर्भर भारत की उड़ान विज्ञान एवं तकनीक में योगदान 
विधा-लेख 
आत्मनिर्भर होने का अर्थ है , स्वावलंबन अर्थात बिना किसी की मदद के अपनी प्रतिभा से, अपना भरण-पोषण करना और हमारा देश, भारत प्राचीन काल से, अपने आत्मनिर्भरता का परिचय समय-समय पर देता रहा है। हमारे वेदों-पुराणों में भी, विज्ञान और तकनीक के तमाम उदाहरण देखने को मिलते हैं।
भारत ने जहां पूरे विश्व को जीरो देकर गणित को एक अलग आयाम दिया, तो वहीं दूसरी ओर डॉक्टर कलाम जैसे महान वैज्ञानिक।
"जय जवान जय किसान " का नारा देकर "शास्त्री जी" ने यह साबित कर दिया था, कि हमारा देश आत्मनिर्भर है। आज एक बार फिर कोरोना काल ने जहां पूरे विश्व की कमर तोड़ दी, हमारे ही देश के आयुर्विज्ञान तथा योग ने संबल प्रदान किया। 
हम भारतीयों को गर्व होना चाहिए कि हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहां की संस्कृति तथा सभ्यता में ही विज्ञान एवं तकनीक के अनेकों रूप छुपे हुए हैं, आवश्यकता है तो सिर्फ उन्हें पहचानने और अपनाने की ।
डॉ ममता श्रीवास्तवा, सरूनाथ

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