शनिवार, 25 जुलाई 2020

आजाद हिन्द पहिचान है



आजाद हिन्द पहिचान है
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सबसे बड़े विवाद की,
सुनवाई मुकम्मल हो गई ।
देश की अपनी अदालत,
ईद-दीवाली सी झिलमिल हो गई ।।
फैसला जो भी करे ,
सम्मान उम्मीदों का है ।
दुनियाँ हम को जान ले ,
दूरी थी वह गुल हो गई ।।
हिन्दू दिल है ,मुस्लिम धड़कन ,
सिक्ख ईसाई जान है ।
संविधान है भाग्य विधाता,
आजाद हिन्द पहिचान है ।।
सौहार्द है शक्ति प्रबल ,
सोच काबिल हो गई ।
देश की अपनी अदालत,
ईद-दीवाली सी झिलमिल हो गई ।।
डॉ अनुज कुमार चौहान "अनुज"
अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश)

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