रविवार, 16 अगस्त 2020

"अटल बिहारी वाजपेयी हमारे"

हमारे अटल बिहारी वाजपेयी,
भारत माँ के सच्चे सपूत, अटल देशभक्त-राष्ट्रपुरुष,
साधारण मात-पिता की असाधारण संतान,
पत्रकारिता थी जीवन की आधारशिला,
नाम था अटल, थे इरादे भी अटल,
आजीवन अटल ब्रह्मचारी, अद्भुत व्यक्तित्व-मिलनसारी,
भारत माँ के 'अमोल रत्न', प्रखर वक्ता वे प्रखर कवि,
हस्ती उनकी हिमालय-सी विराट, मुस्कुराहट ही परिधान,
बुराई पर प्रहार किया, शुद्ध विचारों से किया जगकल्याण,
थी अटल की शान निराली, राजनीति के भीष्म पितामह, 
अटल व्यक्तित्व की अटल गाथायें,
किया मातृभूमि को समर्पित तन औ मन,
हमारी हिन्दी-भाषा को करवाया विदेश में सम्मानित,
जीवन में विजय का लिया सदैव संकल्प,
आत्मविश्वास ही था अटल जयघोष,
परमाणु शक्ति सम्पन्न रुप में भारत को पहचान दिलाई, 
कार्य जो भी था असंभव, अटल जी ने कर दिखाया संभव,
नहीं हमारे साथ अटल जी तो क्या, 
हम सबको अच्छे विचारों से अटल होना होगा,
मिलकर अपने भारत को सुन्दर बनाना हाेगा,
उनके चरणों में अपर्ण करते श्रद्धा-सुमन हम अपर्ण,
अटल आपको शत-शत नमन,अटल आपको शत-शत नमन।

(स्वरचित)
डॉ०विजय लक्ष्मी
काठगोदाम,उत्तराखण्ड


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें