मंगलवार, 1 सितंबर 2020

कवयित्री डॉ.अल्का पाण्डेय जी द्वारा 'आज़ादी के बाद मिला क्या' विषय पर रचना

१/९/२०२० 

आज़ादी के बाद मिला क्या ?

आज़ादी के बाद मिला क्या ...? 
आज़ादी का असली मतलब क्या ..?

आजादी का पर्व मनाते है 
शहीदों को नमन करते है !!

पन्द्रह अगस्त आया 
आज़ादी का जश्न मनाया!!

पर क्या हम पूरी तरह आज़ाद हैं 

वीर जवानों ने जान गवां कर आजादी लाई 
वो आज़ादी का सपना पुरा हुआ क्या ...? 

मजहब खेले खून की होली , 
ग़मों की काली बदली छाई !!

देश का मज़दूर दो वक्त की रोटी न पायें ! 
उसका दिल कैसे आज़ादी मनायें

जिस देश का कृषक आत्महत्या करता हो ! 
उससे पूछो आज़ादी के बाद पाया क्या !!

जो बाप - भाई  बहन बेटी की लाज न बचा पाए !
उनसे पूछो आज़ादी के बाद मिला क्या..?

भारत माँ के हाथो की हथकड़ी दो खुल गई 
पर वह पराधीनता से आज़ाद हो पाई क्या !!

अमर शहीदों की शहादत आज के हालतो पर रो रही है 
क्या सपना देखा था और हो रहा है क्या...? 

जगह जगह हो रहे हमले व कत्लेआम 
हिंदुस्तान का नागरिक आज़ाद है क्या ..?

डॉ अलका पाण्डेय मुम्बई

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