बुधवार, 16 सितंबर 2020

कवि- आ.श्याम कुँवर भारती (राजभर) जी द्वारा प्यारा रचना..

ओज कविता- क्या करोगे तुम |
तिरंगा चोटी पर गाड़ दिया क्या करोगे तुम |
पीछे पछाड़ नीचे किया अब क्या करोगे तुम |
कब्जा किया था जमीन हमारी सालो से तुमने|
बार बार दिखा आंखे डराया था सालो से तुमने  
तोड़ कमर जमीन गिरा दिया क्या करोगे तुम |
शहंशाह खुद समझने की भूल न करना कभी |
औकात जान लो अपनी कदम बढ़ाना तभी |
भारत ने लोहा मनवा लिया क्या करोगे तुम |
हम नापाक पाक नहीं लालच मे भरमाओगे |
नेपाल की कुचाल नहीं एक इंच बढ़ पाओगे |
तेरे सिने प्रहार करार किया क्या करोगे तुम |
आओगे जिधर से उधर तुमको घेर लेंगे हम |
सागर की लहरों पर पानी तेरा फेर लेंगे हम |
सीमा अपनी खुद संभाल लिया क्या करोगे तुम |
रूस जापान अमेरिका ने हमसे हाथ मिलाया है |
मुस्लिम देशो साथ मिला इससे तू घबड़ाया है |
तेरा पैंतरा तुझपर वार किया क्या करोगे तुम |
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी 
बोकारो झारखंड मोब -9955509286

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