गुरुवार, 17 सितंबर 2020

श्राद्ध पखवाड़ा#कृष्णकुमार सिसोदिया#

💐💐श्राद्ध पखवाडा 💐💐
रहे न जेठ सी गरमी, लगे न पूस सा जाडा |
सुकूं देता गजब का है हमें ये श्राद्ध पखवाडा |
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बिछडकर दूर जा बैठे, जो सबसे खास थे अपने |
उन्ही से जोड़ देता है, हमें ये श्राद्ध पखवाड़ा |
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हमारी अाह सुनकर भी,जो गहरी नींद से जागे |
उन्हीं की याद लाता है, हमें ये श्राद्ध पखवाडा |
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मचलना रूठना मेरा, वो मीठी तान लोरी की |
वही थपकी दिलाता है, हमें ये श्राद्ध पखवाडा |
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मेरे घर ऑंगना में आ, गये माता पिता फिर से |
वही एहसास देता है,हमें ये श्राद्ध पखवाडा |
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हमारी आस्था,विश्वास, श्रद्धा से भरी बातें |
क्षणिक सुख दे ही जाता है, हमें में श्राद्ध पखवाडा |
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चुकायें पितृ ऋण कैसे, बडे़ उपकार हैं उनके |
वही अवसर दिलाता हैं हमें ये श्राद्ध पखवाडा |
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हमें है देखना "कृष्णा",कि किसको याद है कितना |
यही तो आजमाता है हमें ये श्राद्ध पखवाडा |
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कृष्णकुमार सिसोदिया
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