मंगलवार, 29 सितंबर 2020

कवयित्री नीलम डिमरी जी द्वारा रचना

नमन मंच

दिनांक--२८/०९/२०२०
दिवस --सोमवार

    **सुप्रभात लेखन**
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देखो मेरी दहलीज पर,
उजियारा बढ़ गया।
सूरज की रोशनी से,
रंग उसका गढ़ गया।

ऊर्जा शक्ति का पुंज यह,
सत्कर्म हमको सिखाता है।
अंधेरा चला जाये जीवन से,
उजाला लौटकर आता है।

अपने कर्म पर अग्रसर,
कई बाधाओं से लड़कर।
समूची दुनिया को उजागर करने,
निकल पड़ा है दिवाकर।


    रचनाकार ---नीलम डिमरी
     देवलधार,,,,, गोपेश्वर
      चमोली,,,, उत्तराखंड

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