सोमवार, 5 अक्तूबर 2020

कवि भास्कर सिंह माणिक कोंच जी द्वारा -'राम नाम अनमोल' विषय पर रचना

मंच को नमन
विषय -राम नाम अनमोल

दुनियां में हर चीज का होता भाव मोल
पैसा एक न लगता राम नाम अनमोल
सुमरन करते ही मिटें मनसे भाव बिकार
नित प्रात सांझ भजो कोई नहीं है तौल

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मौलिक मुक्तक
       भास्कर सिंह माणिक कोंच

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