मंगलवार, 13 अक्तूबर 2020

कवि श्याम कुँवर भारती जी द्वारा रचना “भोजपुरी निर्गुण भजन"

भोजपुरी निर्गुण भजन 1-धियान करे दा |
सोनवा के बदनवा रामा जनी करा जियनवा रामा |
मनवा भजे दा भजनवा भीतरे तनवा |
रमे रमाए दा ये मोरे रामा |
ब्रमहवा मे मनवा लगाये दा |
कोरी चदरिया बितल उमरिया |
असही ना बीत जाएदा |
बुद्धि बा नदनवा रामा बहके मोर मनवा रामा |
तन के सुगना अबहीन रहे दा |
मनवा भजे दा भजनवा भीतरे तनवा |
संगे धियान करे दा |
गुण अवगुण गिने दा ये मोरे रामा |
बचल उमरिया तपाये दा |
सही भइल ना करमवा रामा ,पूछिहे मोर सजनवा रामा |
पाप पुनवा अबहीन गिने दा |
मनवा भजे दा भजनवा भीतरे तनवा |
संगे धियान करे दा |

श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी 
बोकारो झारखंड

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