सोमवार, 23 नवंबर 2020

कवयित्री माधवी गणवीर 'वर्चस्वी' द्वारा 'एक दीप' विषय पर रचना

नमन मंच
राष्ट्रीय /अन्तर्राष्ट्रीय बदलाव मंच
साप्ताहिक प्रतियोगिता
दिनांक - 17/11/2020
विषय - दीपोत्सव
शीर्षक - *एक दीप*

मन अंतर्मन जगा के 
हृदय में रोशनी के 
एक दीप जला कर देखो 
ताकि....
उसकी रौशन अंतरात्मा,
 तक पहुंचकर हर दिल में,
 मानवीयता का पैगाम लाएं जिससे तन मन प्रकाशित हो जाए 
आस का एक दीप ऐसा भी चलाएं  
संकट के दौर में खुशियों का पैगाम लाएं
 उम्मीद का ये पल हमको है सिखाता 
बने हम एक दूसरे का सहारा,        जिसने देखी है संघर्ष की राहें  
 जो हो गए देश पर कुर्बान 
जो चढ गए महामारी की भेंट  
  उनके घर को भी रौशन कर आएं 
 जो दुखी,पीड़ित, लाचार, दुर्घटना    ग्रस्त, अंधियारे घरों में इंसानियत का दिया बन 
खुशियों का पैगाम लाएं,
 सुख, सौहाद्र, भाईचारा लाएं 
गम का तम दूर भगाएं 
चलो....
आज उनके घरों को भी रौशन कर आएं..... उनके घरों को भी रौशन कर आएं।

माधवी गणवीर *वर्चस्वी*
छत्तीसगढ़

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