गुरुवार, 5 नवंबर 2020

कवयित्री मधु वैष्णव 'मान्या' जी द्वारा 'करवा चौथ' विषय पर रचना

करवा चौथ 

दिव्य स्वर्णिम संस्कारों की जोत,
रूहानी प्रेम की अद्भुत करवा चौथ।
मनोभावों के अनुपम तटबंध बने,
स्नेहिल सोलह श्रृंगार से करवा चौथ।
कुमुदिनी सी खिली मन चांदनी,
अमिय प्रेम भरा कलश करवा चौथ।
आलौकिक श्रद्धा से भरी गागर,
नूपुर से छनकती आई करवा चौथ।
  मधु वैष्णव "मान्या" जोधपुर राजस्थान

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