गुरुवार, 8 अप्रैल 2021

'होली' पर रचना#बदलाव मंच#

मनाए कैसे होली


कोरोना की मार
दिल के कोने खाली
हाय रे हाय
मनाएं कैसे होली।

हवा हुई बेरंग
होली के नहीं रंग ढंग
धूल में वायरस के कण
हाय रे हाय
लबों पर मुस्कान जाली।
मनाए कैसे होली।

चेहरे पर है मास्क
सेनीटाइज करने का
मिला है सबको टास्क
हाय रे हाय
हाथों से लगाएं कैसे लाली।
मनाए कैसे होली।

डर का साया है मंडरा रहा
आदमी आदमी से दूर जा रहा
फिर भी रंगों का त्योहार मना रहा
हाय रे हाय
कैसे करें अपनों की रखवाली।
मनाएं कैसे होली
मनाएं कैसे होली।

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