सोमवार, 28 जून 2021

डॉ. राजेश कुमार जैन जी द्वारा विषय बादल और बारिश पर अद्वितीय रचना#

विषय -  बादल और बारिश
विधा    -    कविता


काले - भूरे - सफेद  , बादल
नभ में  दौड़  , लगाते बादल
मन को अच्छे, लगते बादल
अजीब रूप धर,आते बादल..।।

झूम-झूम कर  , नाचें बादल
शोर  बहुत ,  मचाते  बादल
सबका मन, ललचाते बादल
सूरज  को ,  ढक  लेते बादल ..।।

सागर से पानी, भर-भर कर
गरज-गरज कर,बरसें बादल
खेतों  की  ये  ,  प्यास  बुझाते
खलिहानों  को, भरते  बादल..।।

बच्चे - बूढ़े  ,  या  हों  जवान
सबके  दिलों  में , छेड़ें  तान
दादुर,मोर और मन किसान
देखें बादल को, सुबह- शाम..।।

गड़गड़ाहटें ,  करते  बादल
झमा झमा झम,बरसें बादल
चमचम नभ,बिजली चमकाएँ
सन-सन करती, हवा चलाएँ..।।

तेज  बारिशों  की  ,  बूँदों  से
ताल- तलैया ,  भरते  बादल
नदियों को जीवन,देते बादल
घर में खुशियाँ, भरते बादल ..।।

सावन में मन,तरसाते बादल
मन ही मन  ,  रुलाते  बादल
पायल भी बोले, छम छम छम
साजन की याद,दिलाते बादल ..।।




डॉ. राजेश कुमार जैन
श्रीनगर गढ़वाल
उत्तराखंड

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