शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

साजिस खुदा की#शशीलता पाण्डेय जी द्वारा अद्वितीय रचना#

            ❤️ साजिस खुदा की❤️
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    इस जानलेवा माहमारी के पीछे,
      कुछ तो साजिस खुदा की भी होगी।
        कर्म अपनी जिंदगी में जैसा करेगा,
          भोगना तो फल अलहदा ही होगा।
            दुनियाँ गुजर रही संकटों के दौर से,
              ये संकट भी तो साजिशें-खुदा होगा।
                 खुदा ने बख्सी हैं कुछ अपनी नेमतें,
                    नेमतों को बचानें की गुज़ारिश तो होगी।
                     इंसां बन  नही सकता ख़ुदा के जैसा,
            इंसान को समझाने का इरादा तो होगा।
        अपने बंदों को सज़ाए खुदा देने की,
     सबक, और कुछ ख़्वाईस ही होगी।
   ये मुश्किलों के दौर खत्म करने की
    कुछ ख़ुदाए सिफारिश भी होंगी।
      मर्ज़ी किसी की ख़ुदा के दरबार मे,
         ख़ुदा के रहमो-कर्म पर ही ज़िंदा होंगीं।
            बस करले इबादत अपने  ख़ुदा की,
               तेरी हर मुश्किलें तुझसे जुदा होंगी।
                  हर संकटों से गुज़रने के पीछे,
                    कुछ तो साज़िस खुदा की भी होगी।
                       तेरा जंग -जीवन का जीतने का,
                          खुदा से कोई वादा तो होगा ।


           💐समाप्त💐

स्वरचित व मौलिक,सर्वाधिकार सुरक्षित
लेखिका:-शशिलता पाण्डेय

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