सोमवार, 12 अक्तूबर 2020

कवि सुरेंद्र सैनी बवानीवाल "उड़ता" जी द्वारा रचना (विषय-कठिन राह में)

कठिन राह में 

उम्मीद रखनी चाहिए कठिन राह में
अबीद' रखनी  चाहिए कठिन राह में (हिम्मत )

सोच ले एक इम्तिहान है तेरे सर पर
तक़िद' रखनी चाहिए कठिन  राह में (धैर्य )

जितना संभलोगे उतना आगे बढ़ोगे
हमीद' रखनी चाहिए कठिन राह में (भरोसा )

कौन तेरे साथ होगा तन्हा है मंज़िल
हाले-अमीद रखनी चाहिए कठिन राह में (संतुलन )

"उड़ता"हर बार मुश्किल दौर आएंगे
बस अनीद' रखनी चाहिए कठिन राह में (जाग )


स्वरचित मौलिक रचना 

द्वारा - सुरेंद्र सैनी बवानीवाल "उड़ता"
झज्जर - 124103 (हरियाणा )

udtasonu2003@gmail.com

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